बबिता कुमारी, रेखा गुप्ता
शिक्षा समाज के सर्वांगीण विकास का आधार है। यह न केवल ज्ञान प्रदान करती है, बल्कि व्यक्तित्व, व्यवहार, मूल्य एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का भी निर्माण करती है। भारत में बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु अनेक प्रयास किए गए हैं, जिनमें कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एक महत्त्वपूर्ण पहल है। इन विद्यालयों की स्थापना विशेष रूप से ग्रामीण, पिछड़े, अल्पसंख्यक और अनुसूचित जाति/जनजाति समुदाय की बालिकाओं के लिए की गई थी, ताकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सुरक्षित आवासीय वातावरण प्राप्त हो सके।
किसी भी शिक्षण संस्था की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वहाँ किस प्रकार की शिक्षण शैली अपनाई जाती है। शिक्षक की शिक्षण शैली विद्यार्थियों की रुचि, प्रेरणा, समझ, सहभागिता और अंततः उनकी शैक्षिक उपलब्धि को सीधे प्रभावित करती है। अतः कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय जैसे विशिष्ट संस्थानों में शिक्षण शैली के प्रभाव का अध्ययन अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
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