आर्या
शिक्षा किसी भी प्रगतिशील समाज की आधारशिला होती है। भारत हमेशा से ही शिक्षा का केंद्र रहा है, हालाँकि औपनिवेशिक काल में इसे अपार चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। भारत में शिक्षा की उपलब्धता और सुगमता में सुधार के लिए विधि निर्माताओं, समाज सुधारकों और संस्था निर्माताओं द्वारा निरंतर प्रयास किए गए हैं। प्रस्तुत शोधपत्र स्वतंत्रता-पूर्व काल से लेकर आज तक भारत में उच्च शिक्षा की स्थिति का एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करने का एक प्रयास है। । ICT के आंकड़ों पर प्रकाश डाला गया है और NEP2020 की विभिन्न सिफारिशों पर विस्तार से चर्चा की गई है ताकि यह समझा जा सके कि भारत में उच्च शिक्षा किस दिशा में जा रही है।
वर्तमान युग में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के विस्तार ने शिक्षा प्रणाली को एक नए युग में प्रवेश कराया है, जहाँ ज्ञान ही प्रमुख उत्पादन शक्ति बन चुका है। इस परिवर्तित परिदृश्य में, भारत की शिक्षा प्रणाली को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप ढालने की आवश्यकता है।
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