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International Journal of Humanities and Education Research
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Vol. 7, Issue 2, Part E (2025)

ओजोन परत का क्षरण एवं मानव-पर्यावरण पर उसका प्रभाव

Author(s):

संजय कुमार मंडावत, चन्दन मल शर्मा

Abstract:
ओजोन परत वायुमंडल के समतापमंडल में स्थित एक महत्वपूर्ण रक्षक परत है जो सूर्य से आने वाली हानीकारक पराबैगनी किरणों को अवशोषित कर रक्षा प्रदान करती है। बीते कुछ दशकों में बढ़ती जनसंख्या के कारण प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव व तीव्र दोहन के कारण पर्यावरण में असंतुलन की स्थिति बन गई है। औद्योगिकरण, नगरीकरण व आधुनिकीकरण जैसी गतिविधियाँ वातावरण को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही हैं जिसमें विशेषकर क्लोरोफ्लोरोकार्बन व अन्य ओज़ोन-नाशक गैसों के उत्सर्जन से ओज़ोन परत में क्षय के प्रमाण मिले हैं, अर्थात ओजोन का क्षरण एक विनाशकारी कारक के रुप में जन्म ले रहा है। इस शोध पत्र में उन कारणों का पता लगाने का प्रयास किया गया है जो ओजोन परत के विनाश के लिए उत्तरदायी हैं। इसके साथ ही ओजोन परत के विनाश से मानव और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन किया गया है। ओजोन क्षरण से मानव-पर्यावरण पर पड़ने वाले गंभीर परिणामों पर भी प्रकाश डाला गया है।

Pages: 392-395  |  134 Views  51 Downloads


International Journal of Humanities and Education Research
How to cite this article:
संजय कुमार मंडावत, चन्दन मल शर्मा. ओजोन परत का क्षरण एवं मानव-पर्यावरण पर उसका प्रभाव. Int. J. Humanit. Educ. Res. 2025;7(2):392-395. DOI: 10.33545/26649799.2025.v7.i2e.298
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